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Constantine In Hindi -

कॉन्स्टेंटाइन एक जटिल शख्सियत थे। एक ओर, उन्होंने ईसाई धर्म को उत्पीड़न से मुक्ति दिलाई और उसे साम्राज्य का प्रमुख धर्म बनाया। दूसरी ओर, वे अपने निजी जीवन में क्रूर भी थे — उन्होंने अपनी पत्नी फ़ॉस्टा और अपने बड़े बेटे क्रिस्पस को मौत की सज़ा दी थी।

कॉन्स्टेंटाइन ने एक और ऐतिहासिक निर्णय लिया। उन्होंने रोम को छोड़कर बोस्फोरस जलडमरूमध्य के किनारे बसे प्राचीन शहर 'बीजान्टियम' को नई राजधानी बनाने का फैसला किया। 330 ईस्वी में इस शहर का उद्घाटन हुआ और इसे 'नोवा रोमा' (न्यू रोम) नाम दिया गया, लेकिन यह 'कॉन्स्टेंटिनोपल' (आज का इस्तांबुल) के नाम से प्रसिद्ध हुआ। यह शहर अगले हज़ार सालों तक ईसाई दुनिया की राजधानी रहा। constantine in hindi

कॉन्स्टेंटाइन ने पूर्वी सम्राट लिसिनियस के साथ मिलकर 313 ईस्वी में "मिलान का आदेश" (Edict of Milan) जारी किया। यह एक क्रांतिकारी कदम था, क्योंकि इस आदेश ने रोमन साम्राज्य में सभी धर्मों, विशेषकर ईसाई धर्म को, कानूनी मान्यता प्रदान की। इससे पहले ईसाइयों पर अत्याचार होते थे, उन्हें शेरों के आगे फेंक दिया जाता था और उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाती थी। मिलान के आदेश ने इन अत्याचारों को समाप्त कर दिया और ईसाई धर्म को फलने-फूलने का अवसर दिया। विशेषकर ईसाई धर्म को

कॉन्स्टेंटाइन द ग्रेट केवल एक सम्राट नहीं थे, बल्कि एक युग-प्रवर्तक थे। उन्होंने प्राचीन रोमन दुनिया को मध्ययुगीन और बीजान्टिन दुनिया में बदल दिया। उनके कारण ही ईसाई धर्म भूमिगत गुफाओं से निकलकर विशाल गिरिजाघरों तक पहुंचा। आज भी जब इतिहासकार उनके शासनकाल का विश्लेषण करते हैं, तो वे उन्हें मानव इतिहास के सबसे प्रभावशाली शासकों में गिनते हैं। कॉन्स्टेंटाइन के बिना, रोम और यूरोप का इतिहास पूरी तरह से अलग होता। constantine in hindi