फिल्म के बाद 'स्किपिडी टॉयलेट' के बारे में भूल जाइए। बच्चे घर आकर 'वूशी फिंगर होल्ड' का अभ्यास करेंगे।
पो को अकेले नहीं जाना है। इस बार उसका साथी कोई फाइव फ्यूरियस का सदस्य नहीं, बल्कि जेन (Zhen) नाम की एक चालाक लोमड़ी है, जो पिकपॉकेट (जेबकतरा) है। हिंदी डबिंग में इन दोनों की जुगलबंदी फिल्म का सबसे मजेदार हिस्सा है। किसी एनिमेटेड फिल्म की सफलता में डबिंग का बड़ा हाथ होता है, और Kung Fu Panda 4 Hindi में टीम ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। पो की हिंदी आवाज में वही मासूमियत और गहरी भूख महसूस होती है। संवाद लेखन में देसी ट्विस्ट डाला गया है - पो 'यारों' और 'भाई' कहता है, जो उसे और भी करीब लगता है। kung fu panda 4 in hindi
⭐⭐⭐⭐ (4/5) – पूरे परिवार के लिए मस्ती का तड़का। और इस बार कहानी
मुंबई: दुनिया का सबसे प्यारा और भूखा ड्रैगन वॉरियर वापस आ गया है, और इस बार वह हिंदी में और भी धमाकेदार अंदाज में बोल रहा है। कुंग फू पांडा 4 (Kung Fu Panda 4) ने सिनेमाघरों में दस्तक दे दी है, और हिंदी दर्शकों के लिए यह फिल्म उत्सव से कम नहीं है। ड्रीमवर्क्स एनीमेशन की इस ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइजी ने हमेशा भारतीय दर्शकों से विशेष रिश्ता बनाया है, और इस बार कहानी, एक्शन और हास्य तीनों पैमानों पर फिल्म अपने वादे को पूरा करती है। कहानी: विरासत बनाम भूख (Story: Legacy vs. Hunger) फिल्म की शुरुआत पो (Po) को एक बड़े असमंजस में दिखाती है। मास्टर शिफू (Master Shifu) उसे घोषणा करते हैं कि अब उसे 'ड्रैगन वॉरियर' का पद छोड़कर 'स्पिरिचुअल लीडर' (Spiritual Leader) बनना होगा। यानी, अब उसे लड़ने के बजाय बुद्धि बांटनी होगी। पो के लिए यह अपनी पसंदीदा मोंटू (मोमोज) छोड़ने जैसा है - असंभव! kung fu panda 4 in hindi
चेमिलियन की हिंदी आवाज खलनायकी में डरावनी और डायलॉग डिलीवरी में शातिर है। खास बात यह है कि जब चेमिलियन ताई लुंग या लॉर्ड शेन का रूप लेती है, तो उनके मूल हिंदी स्वरों को बखूबी रीक्रिएट किया गया है, जो पुराने फैंस के लिए नॉस्टैल्जिया का पिटारा है। तकनीकी रूप से, कुंग फू पांडा 4 पिछले भागों से काफी आगे है। जून ग्लेन (एनीमेशन डायरेक्टर) ने एक्शन सीक्वेंस को इस तरह डिजाइन किया है कि वह बॉलीवुड एक्शन फिल्मों से मुकाबला कर सके। हिंदी वर्जन में ये सीन और भी ज्यादा असरदार लगते हैं क्योंकि पो की हर चीख और 'यू-आह' (तीर चलाने की आवाज) पर हिंदी में जान फूंक दी गई है।
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