फिल्म का नाम काली कोठरी (Death Row) के उस फर्श के रंग से आया है, जो हरा (Green) है। यह "मील" (Mile) उस आखिरी रास्ते को कहते हैं जिस पर से कैदी को गिलोटिन या इलेक्ट्रिक चेयर तक ले जाया जाता है। हिंदी में समझें तो यह "मौत की सैर" है, लेकिन इस सैर पर इंसान अपने पिछले पापों का हिसाब लेता है।
फिल्म की असली ताकत है टॉम हैंक्स का किरदार पॉल एजकॉम्ब (जेलर) और माइकल क्लार्क डंकन का किरदार जॉन कॉफी। जॉन कॉफी एक विशालकाय कद-काठी वाला काला व्यक्ति है, जिसे दो छोटी लड़कियों की हत्या के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई है। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, हमें पता चलता है कि जॉन कॉफी न सिर्फ दोषी है, बल्कि वह एक ईश्वरीय चमत्कार है—जो लोगों को ठीक कर सकता है, दर्द को अवशोषित कर सकता है, और दूसरों की पीड़ा को महसूस कर सकता है। the green mile in hindi
अगर आपने यह फिल्म नहीं देखी है, तो आज ही रात इसे लगाइए। पर साथ में टिश्यू का एक पैकेट जरूर रखिएगा। the green mile in hindi
भारतीय दर्शकों के लिए, यह फिल्म हमारे अपने महाकाव्यों और कहानियों से मेल खाती है। जॉन कॉफी का चरित्र हमें याद दिलाता है कि सच्ची पवित्रता कभी-कभी सबसे असंभव शरीर में रहती है। फिल्म का सबसे दिलचस्प सीन है—जब जॉन कॉफी जेलर की पत्नी की बीमारी ठीक करता है। वह दृश्य आपको रुला देगा। the green mile in hindi