The Walk Movie In Hindi Access
रघु हँसता है और बोलता है, "जीत अब शुरू हुई है, बिल्लू।"
रघु—"नहीं माँ, मैंने तो बस एक डोरी पर चलना सीखा। असली वॉक तो अभी बाकी है—ज़िंदगी की डोरी पर, जहाँ हर दिन नया संतुलन माँगता है।"
सूरज निकलता है, और रघु रस्सी पर पहला कदम रखता है। नीचे देखता है—सैकड़ों मीटर नीचे ज़मीन, ताजमहल की संगमरमरी सीढ़ियाँ, और दूर यमुना नदी चाँदी की तरह चमक रही है। the walk movie in hindi
मुंबई के गलियारों में पला-बढ़ा रघु (सचिन) बचपन से ही ऊँचाईयों का दीवाना था। जादू के करतब सीखने वाला यह गरीब लड़का जब पहली बार सर्कस में टाइटरोप पर चलते कलाकार को देखता है, तो उसकी ज़िंदगी बदल जाती है।
माँ कहतीं, "बेटा, पैर ज़मीन पर रखना, वरना गिरोगे।" "जीत अब शुरू हुई है
रघु कहता है—"साहब, हम सब ज़मीन पर चलते हैं। लेकिन जीने के लिए कभी-कभी आसमान पर चलना पड़ता है। मैंने सिर्फ ये दिखाया कि डर के बावजूद... इंसान सबसे ऊँचा चढ़ सकता है।"
लेकिन रघु को पता था—उसे ऊपर जाना है। एक दिन उसके हाथ लगती है की कहानी—फ्रांस में एक शख्स ने ट्विन टावर्स के बीच रस्सी पर चलकर इतिहास रच दिया। रघु का दिल धड़क उठता है। उसने ठान लिया—अब वह भी करेगा कुछ ऐसा। बिल्लू।" रघु—"नहीं माँ
कोर्ट में जज पूछता है—"तुमने ऐसा क्यों किया?"

